
चमोली, 6 सितंबर 2025
गोपेश्वर महाविद्यालय में देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह उच्च शिक्षा विभाग द्वारा भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद,गढ़वाल स्वदेशी जागरण मंच,स्वावलंबी भारत अभियान एवं उद्यमिता के तत्वाधान में आयोजित किया गया। गोष्ठी का विषय “ऐपण लोक कला के संवर्धन हेतु जागरूकता अभियान एवं स्वरोजगार की ओर एक कदम” रहा।
प्राचार्य प्रो०एमपी नगवाल ने नई शिक्षा नीति के महत्व बताते हुए स्वरोजगार के रूप में ऐपण कला तथा अन्य स्थानीय उत्पादन को जोड़ने तथा देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत स्टार्टअप शुरू करने पर जोर दिया।
मुख्य वक्ता ममता भट्ट ने शिक्षा के साथ कौशल विकास से लोक कला एवं लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही ताकि लोक कलाओं से रोजगार सृजन हो सके। उन्होंने कहा कि इसे उत्तराखंड की लोक कलाओं एवं लोक संस्कृति को विश्व पटल पर भी पहचान और मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञ वक्ता रेखा नेगी ने स्वदेशी कला को बढ़ावा देने पर जोर दिया जिसमें बुनाई, कढ़ाई तथा करवा चौथ में बनने वाली थाली तथा जूट से बने बैग पर ऐपण कला से सुसज्जित कर बाजार में उतारने की अपनी कहानी के बारे में बताया।
महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ डीएस नेगी ने लघु उद्योग शुरू करने हेतु प्रोत्साहित किया और नई शिक्षा नीति के माध्यम से कौशल निर्माण कर एजुकेटेड एम्पलाई बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रतिभागी बी.एससी. तृतीय सेमेस्टर की छात्रा अंजलि ने हैंडलूम व्यवसाय को पुनर्जीवित करने के लिए कार्यक्रम में अतिथियों को स्वनिर्मित वस्तुएं जैसे पंखी,शॉल इत्यादि स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट करने के संदर्भ में अपने विचार प्रस्तुत किए।

उक्त कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ सौरव कुमार द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ अभय कुमार द्वारा किया गया।
उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ एस पी उनियाल , डॉ प्रियंका उनियाल, डॉ पूनम टाकुली, डॉ शिवानी, डॉ कनिका ,डॉ वीरेंद्र कुमार, डॉ दिनेश गिरी, डॉ प्रियंका राणा, डॉ चंदा, डॉ प्रेमलता, नोडल देव भूमि उद्यमिता योजना रूपेश कुमार सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।



