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प्रसिद्ध पर्वतारोही एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित डॉ. हर्षवंती बिष्ट, केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार नवाजा गया।

गोपेश्वर, 14 अक्टूबर 2025

सी पी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र द्वारा रा.स्ना.महा.वि.में बीएड तथा इतिहास विभाग के सहयोग से महाविद्यालय गोपेश्वर में मंगलवार को‌ श्यामा देवी पर्यावरण व्याख्यान और केदार सिंह रावत सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध पर्वतारोही और पर्यावरण विद डॉ. हर्षवंती बिष्ट को गंगोत्री और गोमुख क्षेत्र में भोज वनों कोबचाने में अभूतपूर्व भूमिका के लिए वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित केदारसिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरणीय चिंताओं को साझा करते हुए छात्र-छात्राओं को स्थानीय स्तर पर अपनी क्षमता के अनुसार कार्य करने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि, सी पी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र द्वारा प्रतिवर्ष केदार घाटी में चिपको के नायक रहे स्व केदारसिंह रावत जी की स्मृति में यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। पुरस्कार के तहत अंग वस्त्र, प्रशस्तिपत्र और प्रतीक चिह्न के साथ नगद राशि का चैक भी प्रदान किया जाता है।

इस अवसर पर महाविद्यालय के सभागार में प्रो. अमित जायसवाल के संचालन में आयोजित व्याख्यान को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध पर्वतारोही ने कहा कि, पर्वतारोहण के द्वारा मेरा उद्देश्य हिमालय के साथ ही जल और जंगलों को जानना तथा शोध करना था उन्होंने कहा कि, धरती नें हमें वह सब कुछ दिया है जो हमारे लिये जरूरी है।आज अनियोजित एवं अनियंत्रित पर्यटन से हिमालय के संवेदनशील अपने अस्तित्व को बनाये रखने के लिए जूझ रहे हैं।प्रकृति की भी एक सीमा है,जहाँ तक वह हमारी गलतियों को सहन कर सकती है।हमें अपनी संस्कृति के मूल वाक्य “वसुधैव कुटुंबक” के संदेश को पुनःआत्मसात करना होगा जिसे हम अपनी आज की भौतिकवादी दौड़ में भूल गये हैं। उन्होंने कहा कि, यदि हम धरती से बात कर सकते तो क्या वह हमेँ इस अनियोजित विकास करने की अनुमति देती? बिल्कुल नहीं। वो हमें इस अनियोजित विकास से दूर रहने तथा “जियो और जीने दो” की भावना के साथ प्रकृति के समस्त जीवधारियों के जीवन का भी सम्मान करने की सलाह और उनके साथ सहअस्तित्व की भावना से रहने की सीख देती। इस दौरान उनके द्वारा पीपीटी के माध्यम से स्लाइड शो द्वारा क्लाइमेट चेंज से गंगोत्री क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों और भोजवासा में उनके द्वारा हिमालयी वनस्पतियों और भोजपत्रके संरक्षण के कार्यो पर प्रस्तुतिकरण भी दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एम सी नैनवाल ने बहुमुखी प्रतिभा का धनी बताते हुए कहा कि, डॉ हर्षवंती बिष्ट हम सभी शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत है। आपने शिक्षण कार्य के साथ ही समाज को पर्यावरण के साथ खासकर महिला शक्ति को भी आज के दौर एक नये रूप में प्रस्तुत किया है। कार्यक्रम में सी पी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के प्रबंध न्यासी ओम प्रकाश भट्ट ने उनके न्यास द्वारा चलाई जा रही सामाजिक और पर्यावरणीय गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम को बतौर मुख्य अथिति के रूप में संबोधित करते हुए इंदिरा गाँधी वृक्ष मित्र पुरस्कार से सम्मानित बछेर की पूर्व सरपंच कलावती देवी नें चिपको की मातृ संस्था दशोली ग्राम स्वराज्य मण्डल के साथ पर्यावरण संवर्धन के कार्यो के अपने अनुभवों को साझा किया।
इस अवसर पर इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ शिव चंद सिंह रावत, विनय सेमवाल, सुशील सेमवाल, चंद्रकला बिष्ट, मुन्नी भट्ट, रूपिन,मंगला कोठियाल, वेदप्रकाश भट्ट, डॉ दर्शन नेगी सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक तथा छात्र- छात्राएं मौजूद थे।

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