
चमोली
रिपोर्ट संदीप कुमार
बदरीनाथ धाम के समीप स्थित देश के सीमांत ग्राम माणा में आज से देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव की रंगारंग आगाज हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर भारत एरिया के जनरल आफिसर कमांडिंग (GOC)लेफ्टिनेंट जनरल डी जी मिश्रा और बद्री केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने दीप प्रज्वलित करके किया ।
भारत सरकार के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित यह दो दिवसीय उत्सव देश के प्रथम ग्राम माणा को सीमांत पर्यटन, सांस्कृतिक गौरव और सामुदायिक विकास के एक जीवंत केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास है।
महोत्सव में गढ़वाल की समृद्ध परंपराओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें स्थानीय कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, महाविद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताएँ, हस्तशिल्प, स्थानीय जड़ी-बूटियों एवं जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह पहल गढ़वाली संस्कृति को प्रवासन रोकने और लोगों को अपने पैतृक गांवों की ओर लौटने के लिए प्रेरित करने के एक सशक्त माध्यम के रूप में भी देखी जा रही है।

यह उत्सव सीमांत पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा, जो सीमांत क्षेत्रों के सशक्तिकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य से जुड़ा है।
देश के प्रथम गांव माना में देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव का शुभारंभ करते हुए उत्तर भारत एरिया की जीओसी( जनरल ऑफिसर कमांडिंग) लेफ्टिनेंट जनरल डी. जी .मिश्रा ने कहा कि यह भारतीय सेवा के लिए गौरव का पल है।भारतीय सेना , देश की सीमाओं के साथ-साथ इस क्षेत्र के समाज और अर्थव्यवस्था के विकास म भीें आगे बढ़कर काम कर रही है। सेना की पहल से पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। रिवर्स माइग्रेशन, पलायन रोकने के प्रयास प्रयासों को बल मिल रहा है और वाइब्रेट विलेज प्रोग्राम को सफलता मिल रही है। इन प्रयासों से हमारे सीमावर्ती गांव सुरक्षित होने के साथ-साथ तरक्की की नई राह पर चल रहे हैं।

इस मौके पर उत्तर भारत एरिया के जनरल आफिसर कमांडिंग (GOC), लेफ्टिनेंट जनरल डी जी मिश्रा, मनीष श्रीवास्तव, लेफ्टिनेंट कर्नल, जनसंपर्क अधिकारी डिफेंस, ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष, बद्री केदार मंदिर समिति उत्तराखंड, अरविंद गौड़, जिला पर्यटन अधिकारी चमोली, पीतांबर मोलफा, पूर्व प्रधान माना सहित तमाम लोग मौजूद थे।




