
गोपेश्वर, 31.01.2026
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत गोपेश्वर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर पर कांग्रेसी कार्यकताओं ने धरना प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। अखिल भारतीय कॉंग्रेस कमेटी एवं प्रदेश कॉंग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत शनिवार को जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार डिमरी व बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला के नेतृत्व में कांग्रेसजनों द्वारा जिला अधिकारी कार्यालय गोपेश्वर में वीबीजी रामजी विधेयक को वापस लेने तथा मनरेगा योजना को अपने मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन किया। विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि सरकार द्वारा कांग्रेस की योजनाओं के नामों को बदलने के साथ आमजन को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं को खत्म किया जा रहा है। कहा कि कांग्रेस पार्टी की पूर्ववर्ती केंद्र की यूपीए सरकार द्वारा 2005 में मनरेगा अधिनियम लागू किया गया था। जो एक अधिकार आधारित कानून है जो प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मजदूरी रोजगार की मांग करने का वैधानिक अधिकार देता है। और यही वैधानिक गारंटी मनरेगा की मूल और परिभाषित विशेषता है। जिसे वर्तमान सरकार द्वारा आम आदमी के काम के अधिकार को समाप्त करने का षडयंत्र रचा गया है।मनरेगा ग्रामीण आजीविका सुरक्षा की रीढ रहा है किंतु केंद्र की वर्तमान सरकार द्वारा मुख्य रूप से आम आदमी के काम करने अधिकार न्यूनतम मजदूरी पाने का अधिकार ग्राम पंचायतों को अधिकार विहीन, राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ थोपा जा रहा है । इस अवसर पर नगर अध्यक्ष योगेंद्र सिंह बिष्ट, ब्लाक अध्यक्ष गोविंद सिंह सजवांण, जिलाध्यक्ष महिला ऊषा रावत, पूर्व सभासद लीला रावत,पूर्व प्रमुख कमल सिंह रावत,मुकुल बिष्ट ,अरुणा सहित कई कार्यकता शामिल थे।




