
गौचर (चमोली), 14 सितंबर 2026
हिंदी दिवस के अवसर पर हिमवंत कवि चंद्र कुंवर बर्त्वाल की 73वीं पुण्यतिथि पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गौचर के सभागार में कार्यक्रम की शुरुआत की और अतिथियों का स्वागत किया।
इस दौरान अंशिका बड़ोनी,लोकेश,जयदीप खत्री,सुबोध उनियाल एवं सक्षम जोशी ने चंद्र कुंवर बर्त्वाल के जीवन,साहित्यिक योगदान और उनकी कविताओं एवं लेखों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्र-छात्राओं ने उनकी रचनाओं के माध्यम से हिमालय, प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी उनकी साहित्यिक चेतना को सामने रखा। कार्यक्रम में स्वचरित कविताओं का भी पाठ किया गया।
मुख्य अतिथि भुवन नौटियाल ने कहा कि चंद्र कुंवर बर्त्वाल ने हिंदी साहित्य और लेखनी के क्षेत्र में अपनी अनूठी छाप छोड़ी है। उनकी रचनाएं आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। हिमालय की प्रकृति, संस्कृति और जीवन को जिस संवेदनशीलता के साथ उन्होंने अपनी रचनाओं में अभिव्यक्त किया, वह उन्हें हिंदी साहित्य में विशिष्ट स्थान प्रदान करता है.उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को ऐसे साहित्यकारों के जीवन और रचनाओं से परिचित कराना समय की आवश्यकता है, ताकि हमारी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत आगे भी जीवंत बनी रहे। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार भानु प्रकाश नेगी ने किया। इस अवसर पर पत्रकार संदीप कुमार, ,खुशाल सिंह असवाल, गोविन्द सिंह बिष्ट, ईश्वर राणा सहित डायट के छात्र-छात्राएं एवं अन्य लोग मौजूद रहे।




