
चमोली, 30 जुलाई, 2026
जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में बद्रीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत निर्माणाधीन बद्रीनाथ अस्पताल की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति, शेष कार्यों एवं अस्पताल को शीघ्र संचालित करने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अवगत कराया गया कि गेल के वित्तीय सहयोग से लगभग 25.10 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 45 शैय्यायुक्त आधुनिक अस्पताल का कार्य 96 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। लगभग 2,244 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित हो रहे इस अस्पताल का निर्माण कार्य पीआईयू, लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है।
अस्पताल भवन को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के अनुरूप बहुमंजिला स्वरूप में विकसित किया गया है। भूतल पर प्रतीक्षालय, प्रशासनिक कक्ष, फार्मेसी, उपयोगिता कक्ष तथा 3 बेड का आपातकालीन वार्ड बनाया गया है। प्रथम तल पर ओपीडी, प्रयोगशाला, एक्स-रे, ईसीजी, फिजियोथेरेपी, कैफेटेरिया एवं प्रतीक्षालय की व्यवस्था की गई है।
द्वितीय तल पर चार बेड का आईसीयू, आइसोलेशन कक्ष, हाइपरबेरिक एवं हाइपोथर्मिया कक्ष, दो अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, प्री एवं पोस्ट ऑपरेशन क्षेत्र, स्टोर एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। तृतीय तल पर पुरुष एवं महिला वार्ड, ट्विन शेयरिंग कक्ष, सुइट रूम, उपचार कक्ष, मेडिकल स्टोर तथा अन्य उपयोगिता कक्ष बनाए गए हैं।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य के अंतिम चरण को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि अस्पताल को जल्द से जल्द जनता को समर्पित किया जा सके। उन्होंने निर्माण गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करने तथा शेष सभी कार्यों में तेजी लाते हुए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बद्रीनाथ अस्पताल का संचालन अगस्त माह के अंत तक प्रारंभ किया जाए। इसके लिए संबंधित सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सप्ताहवार कार्ययोजना तैयार करने, प्रत्येक सप्ताह प्रगति की समीक्षा करने तथा निर्माण, विद्युत, जलापूर्ति, चिकित्सा उपकरणों की स्थापना, फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य करें, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर अस्पताल आमजन के लिए पूर्ण रूप से संचालित किया जा सके।
इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अभिषेक गुप्ता, उपजिलाधिकारी चंद्र शेखर वशिष्ट, प्र. चिकित्साधिकारी डॉ सचिन राणा सहित सम्बन्धित अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।




